बॉयफ्रेंड ने झाड़ियों में ले जाकर चोदा

कहानी के पहले मैं अपने बारे में बता दूं. मेरा नाम शैली है और मैं २४ साल की हूं, मेरा फिगर ३२-३२-४० है और हाइट ५ फुट ८ इंच है, यह तब की बात है जब मैं १२ वीं क्लास में थी, तब मेरा फिगर ३२-३०-३६ हुआ करता था.

तब मेरा एक बॉयफ्रेंड था जिस से मेरा ब्रेकअप हो गया था, उसके साथ मैंने बस किस किया था. ब्रेकअप के बाद में भी अब बहुत ज्यादा उदास रहा करती थी. मेरी बेस्ट फ्रेंड के बॉयफ्रेंड ने मुझे अपने भाई से मिलवाया.

वह मुझसे उम्र में थोड़ा बड़ा था और दिखने में एवरेज था, उसका नाम अक्षत था. अक्षत और मैं रोज फोन पर बातें करने लगे. फिर एक दिन मेरी बेस्ट फ्रेंड उसका बॉयफ्रेंड अक्षत और मैंने मिलने का प्लान बनाया.

हम थोड़ी देर घुमे फिरे थे. उसके बाद अक्षत मुझे अपनी बाइक पर बिठा कर एक बहुत सुंदर जगह ले गया, वह हिल पॉइंट था और वहां से उतर कर झाड़ियां थी. वह मुझे झाड़ियों के अंदर लेकर चला गया. मैंने उस दिन एक फ्रॉक टाइप टॉप पहना था. जो मेरे बुब पर टाइट था और नीचे से ढीला, घुटने तक और उस के नीचे लेगी पहना था. झाड़ियों में जाने के बाद वहां पर एक गुफा जैसे बडी चट्टान थी.

हम वहां एक चट्टान के सहारे खड़े हो गए, मुझे चट्टान से टिका के वह मुझे किस करने लगा. मैं भी उसे किस कर रही थी. फिर उसने अपना हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और दबाया, क्योंकि यह मैंने पहले नहीं किया था, तो मैं घबरा कर पीछे हो गई. तो उसने कहा क्या हुआ? तो मैंने उसे कहा कि मैंने यह सब नहीं किया है.

तब उसने कहा बहुत मजा आएगा, तुम एक बार मुझे करने दो. पहले तो मैं मना कर रही थी पर फिर मैं मान गई. अक्षत मुझे फिर किस करने लगा और बूब्स दबाने लगा. क्या बताऊं बहुत अच्छा लग रहा था? लेकिन मैं डर गई थी, इसलिए रिस्पांस नहीं दे रही थी.

तब अक्षत ने मुझे कहा लेट गो एवरीथिंग और इस मोमेंट को इंजॉय करो बस, कुछ मत सोचो. उसके बाद जब उसने मेरे बूब्स दबाते हुए किस किया तो मैं मोन करने लगी थी और अहः अय्य्य औऊ ईई अह्ह्ह ओऊ हह हां अम्म्म अह्ह्ह अम्म्म ईई औउ ओह्ह हहह की आवाज निकाल रही थी.

फिर उसने धीरे से मेरे टॉप में हाथ डालना शुरु किया और मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबाना शुरु कर दिया. मैं भी उसका साथ दे रही थी और मौन कर रही थी, और उसका सर पकड़कर किस कर रही थी और मौन कर रही थी.

फिर वो धीरे धीरे नीचे जाने लगा, और मेरे गले पर बहुत सारे किस करने लगा. और बहुत सारे किस करने लगा और अपने हाथों से मेरे बूब को टॉप के अंदर दबा रहा था, और मेरी पीठ और पेट पर हाथ फेर रहा था. फिर उसने मेरा टॉप उठाया और ब्रा के ऊपर से बूब्स को चूसने लगा. क्या बताऊं कितना अच्छा लग रहा था.

मैं भी अपनी छाती उछाल कर बाहर निकाल निकाल के उसके सर को अपने बुब्स पर दबा रही थी उसके हाथ मेरी पीठ पर थे और धीरे से उसने मेरी ब्रा खोल दी. अब टॉप और ब्रा उठाकर वह मेरे नंगी बुब से खेल रहा था दबा रहा था और मैं पागलों की तरह मोअन कर रही थी.

फिर उसने मेरे राइट बूब्स के निप्पल को अपने मुंह में भरा और चूसने लगा. क्या बताऊं पूरे शरीर में बिजली दौड़ गई थी और मैं नीचे से गीली भी होने लगी थी.

वह एकदम भूखे शेर की तरफ मेरे बूब्स पर टूट पड़ा और बहुत तेज तेज चूस रहा था और लेफ्ट बूब को अपने हाथों से दबा रहा था. मैं भी उसका सर पकड़कर अपने बूब्स में दबा रही थी. क्या मजा आ रहा था यारो!!!

फिर वह मेरे लेफ्ट की बुब को चूसने लगा १०-१५ मिनट तक उसने राइट बूब्स को चूसा और १०-१५ मिनट उसने लेफ्ट बूब्स को निचोड़ा. आह्ह औउ अह्ह्ह मम्मम इतना मजा तो मुझे जिंदगी में कभी नहीं आया था. अब वो धीरे धीरे नीचे जाने लगा और मेरे पूरे शरीर पर किस करने लगा. और उसका हाथ मेरे चूत पर जा रहा था.

वह मेरी लेगी के ऊपर से मेरी चूत सहला रहा था अहह औउ उई  ईतना मजा आ रहा था आह औऊ ओह्ह हहह अम्म्म मैं उसका नाम लेकर मोअन कर रही थी अहह औउ इई अक्षत मैं इतनी गीली हो गई थी कि मेरे पानी से पैंटी और लेगी दोनों गीले हो गए थे. उसे जैसे ही मेरा लेगी गिला लगा, उसने कहा देखो कितना मजा दिया कि ईतनी गीली हो गई.

फिर उसने मेरी पैंटी में हाथ डाल दिया और मेरी चूत को सहलाने लगा. मैं सीहर गई ऐसा लग रहा था कि सातवें आसमान पर हूं. फिर उसे सहलाने में अनकंफर्टेबल हो रहा था तो उसने मेरी पैंटी और लेगी नीचे कर दी.

अब मेरी चूत उसके सामने थी और वह मुझे फिंगरिंग कर रहा था, क्या मजा आ रहा था फिर उसने मेरा टॉप उठाया और बूब्स को बारी बारी से फिर से चूसने लगा. और साथ में चूत से भी खेल रहा था. फिर वह मुझे किस करने लगा.

फिर उसने मुझसे कहा शैली मैं कुछ करना चाहता हूं, कर लू, मैंने उसे पूछा क्या? तो उसने कहा मजे करने दो, ना मजा आए तो रोक देना.. मैं तो मजे में इतनी मदहोश थी कि मैंने उसे कह दिया हां अक्षत जो करना है करो, मुझे पागल कर दो.. यह सुनते कि वह नीचे बैठा और मेरी चूत चाटने लगा. मैं तो बस मौन ही कर रही थी आह्ह उऔउ ओह्ह हहह औउ यस हहह इतना मजा आ रहा था कि क्या बताऊं??

५ मिनिट तक वह मेरी चूत चूस रहा था और मैं उसका सर अपनी चूत में दबाए जा रही थी. फिर उसने कहा तुम दूसरी बार झड़ गई, इतना मजा आया तुमको? तब मुझे पता नहीं था की जड़ना क्या होता है? फिर उसने कहा मैंने तुम्हें इतना मजा दिया थोड़ा तुम भी मुझे मजा दे दो. मुझे समझ नहीं आ रहा था तो उसने अपना ६.५ इंच लंबा मोटा लंड पेंट खोल के निकाल दिया. मैंने पहली बार किसी आदमी का तना हुआ लंड देखा था.

उसने कहा इसे छुओ, चुसो और इससे जैसे खेलना है खेलो. मैंने उसे छुआ फिर वह मुझे बताने लगा तूम ईसे हीलाओ, मैं वैसा वैसा करने लगी जैसा वह कह रहा था. फिर उसने कहा इसे चुसो.. मैंने उसे मुंह में लिया तो कुछ नमकीन सा पानी मेरी जुबान पर लग गया. मैं उसे चूसने लगी और वह मोंन कर रहा था.

५ मिनट तक उसका लंड चूसा, फिर उसने अपनी जेब से कंडोम निकाला. मैं डर गई मैंने कहा मुझे सेक्स नहीं करना, यह सब ठीक है. तो अक्षत बोला अभी तक ईतना मजा आया है, यह करके देख बहुत मजा आएगा. मैं बहुत देर मना कर रही थी फिर उसको गुस्सा आ गया.

अक्षत – इतनी आग लगा दी, अब चुदने के लिए मना कर रही है.

मै डर गई उसने मुझे धक्का देकर उस गुफा में ले जाकर लेटा दिया, और मेरी चूत चाटने लगा. मैं सब कुछ भूल कर मोन करने लगी. इतनी देर में उसने कंडोम खोल दिया, मेरे ऊपर आ गया और कंडोम चढ़ाने लगा. मैंने कहा प्लीज मत करो. अक्षत बोला एक बार करके तो देख, मैं रोने लगी पर वह मेरी एक नहीं सुन रहा था.

उसने अपना लंड का टोपा मेरी चूत पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा. मेरी तो चीख निकल गई अहः ईई अमा ओऊ माया ईई माआआ ऊ उऔउ इई ऊऊ पर उसने मेरे मुंह पर हाथ रख दिया और कहने लगा, आराम से करूंगा. फिर थोड़ा दर्द कम हुआ तो एक और झटका मारा, आधा लंड अंदर चला गया था. मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

फिर एक फाइनल जटका और उसका पूरा मोटा लंड मेरी चूत में था, मैं दर्द से तड़प रही थी. तब अक्षत ने मुझे कहा आराम से, बस थोड़ा सा दर्द होगा, अभी जब धक्के मारूंगा तो अपनी गांड उछल उछल कर चुदोगी.

फिर थोड़ी देर में उसने धक्के मारना शुरू किया, क्या बताऊं? मुझे बहुत मजा आने लगा था. मैं आह औउ अय्य्य औउ ई ऊऊ ओह्ह हहह औऊ यस्स कर रही थी. हर धक्के पर आह्ह ययय ईह हहह ओह्ह हहह. फिर उसने स्पीड बढ़ाई और मैं मौन कर रही थी. वह स्पीड बढ़ाते जा रहा था और जैसा की अक्षत ने कहा था, मैं गांड उछाल उछाल कर उस की चुदाई में साथ दे रही थी.

काफी देर उसने मेरी चुदाई की और मैं बस मोन किया जा रही थी, आः औऊ अहह ओह्ह हह्ह्ह फक मी अक्षत, बहुत मजा आ रहा है अक्षत, फिर उसका पानी निकल गया कंडोम में. और हम दोनों सांसे भर गई थी, हमने अपने अपने कपड़े पहने और वहां थोड़ी देर बैठ गए. वह मुझे किस कर रहा था और मैं भी उसका साथ दे रही थी, फिर हम अपने अपने घर चले गए.

 

मेरी पहली चुदाई: बॉयफ्रेंड के साथ जन्नत के पल

हाय दोस्तों, जवानी का नशा ही तो ऐसा होता है ना, जो इंसान को पागल बना देता है! आपने मेरी पिछली कहानी पढ़ी होगी, जिसमें मैंने अपने भाई के साथ हुए उन अनोखे पलों को खुलकर शेयर किया था। वो कहानी पढ़कर आपको जो भी लगा, वो सब मुझे ईमेल के जरिए मिला। इतने सारे मैसेज, इतना प्यार… वाह! कुछ लोगों को तो मेरी स्टोरी इतनी पसंद आई कि वो खुद को रोक नहीं पाए और मुझे चोदने का ऑफर तक दे डाला। लेकिन दोस्तों, मैं अपनी हर एक रीडर और रीडर्स को साफ-साफ बता दूं – मैं चैटिंग की दीवानी हूं। अगर कोई बात करना चाहे, कोई राज शेयर करना चाहे, तो चैट बॉक्स में आ जाओ। मैं इंतजार करूंगी, बिना किसी हिचकिचाहट के।

अब ज्यादा देर बोर ना करते हुए, चलिए सीधे मेरी अगली कहानी पर आते हैं। पिछली स्टोरी में आपने पढ़ा था कि कैसे मेरे मामा के लड़के ने मेरी जवानी के रस को चखा और मुझे जन्नत के दरवाजे खोल दिए। लेकिन जैसा मैंने वोां में जिक्र किया था, उससे भी पहले मेरी जिंदगी में चुदाई का पहला असली रंग भरा था मेरे बॉयफ्रेंड ने। ये कहानी उसी की है – एक साल पहले की, जब मैं महज 22 साल की थी, कॉलेज की आखिरी क्लास में धुंआधार पढ़ाई के बीच जवानी के सपनों में खोई हुई। मेरा बॉयफ्रेंड, नाम था राहुल, मेरे ही क्लास का लड़का। वो हमेशा से मुझे नजरों में रखता था – क्लास में मेरी तरफ घूरता, लाइब्रेरी में चुपके से मुस्कुराता। आखिरकार, कॉलेज के फाइनल ईयर में उसने हिम्मत जुटाई और प्रपोज कर दिया। “समिता, तू मेरी जिंदगी है,” उसने कहा था, आंखों में वो चमक लिए जो मुझे आज भी याद है।

राहुल स्मार्ट था, पढ़ाई में टॉप करने वाला, लेकिन बदन से तो जैसे किसी एथलीट का – चौड़ी छाती, मजबूत बाजूएं, और वो हंसी जो मुझे हर बार गुदगुदा देती। मुझे भी वो पसंद था – उसकी वो शरारती नजरें, वो हल्का सा परफ्यूम का खुशबू जो हवा में तैरता। तो मैंने बिना सोचे-समझे हां कह दी। “हां राहुल, मैं तेरी हूं,” मैंने कहा, और बस, हमारी लव स्टोरी शुरू हो गई।

शुरुआती दिनों में सब कुछ इतना रोमांटिक था – कॉलेज के कैंटीन में चुपके से हाथ पकड़ना, शाम को पार्क में घूमना, और हां, वो किसिंग सेशन्स! जब भी मौका मिलता, वो मुझे दीवार के पास सटा लेता और होंठों पर होंठ रख देता। उसके हाथ मेरी कमर पर सरकते, फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर – मेरे मम्मों पर। कपड़ों के ऊपर से ही दबाता, निचोड़ता, जैसे कोई भूखा शेर अपनी शिकार को चख रहा हो। मैं सिहर उठती, सांसें तेज हो जातीं, लेकिन कभी आगे नहीं बढ़ पाते। घरवाले, दोस्त, कॉलेज – सब कुछ बीच में आ जाता। हम दोनों चुदाई के लिए तड़प रहे थे, रातों को बिस्तर पर लेटे-लेटे एक-दूसरे के बारे में सोचते और उंगली से खुद को संतुष्ट करते। मैंने कभी मुंह से नहीं कहा, “राहुल, मुझे चोदो ना,” क्योंकि शर्म तो आती थी ना? लड़की हूं मैं, शुरूआत तो लड़के ही करते हैं। और डर भी लगता था – क्या वो मुझे सस्ती समझेगा? लेकिन मन ही मन मैं प्रार्थना करती, “भगवान, बस एक मौका दे दो।”

फिर एक दिन वो मौका आ ही गया – जैसे किस्मत ने सुन ली हो। सुबह कॉलेज पहुंचते ही राहुल ने कान में फुसफुसाया, “समिता, आज मेरे घर कोई नहीं है। मम्मी-पापा गांव गए हैं, शाम को लौटेंगे। आना, अपना घर दिखाऊंगा तुझे।” उसकी आंखों में वो शरारत चमक रही थी, और मैं समझ गई – घर दिखाना तो बहाना है, असल में तो वो मेरी जवानी को नंगा देखना चाहता है। मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। चूत में एक हल्की सी गुदगुदी हुई, जैसे कोई बिजली का करंट दौड़ गया हो। “हां, आऊंगी,” मैंने कहा, और क्लास भर में बेचैन रही। घड़ी की सुई को घूरती रही, जैसे वो मेरी चाहत को पढ़ रही हो।

क्लास खत्म होते ही मैं उसकी बाइक पर सवार हो गई। हवा मेरे बालों में उड़ रही थी, उसकी पीठ से सटकर मैं महसूस कर रही थी उसके बदन की गर्मी। घर पहुंचे तो एक छोटा सा फ्लैट था – साफ-सुथरा, लेकिन आज वो मेरे लिए जन्नत था। दरवाजा बंद होते ही उसने अंदर से लॉक कर लिया। “बैठ जा सोफे पर,” कहा और टीवी ऑन कर दिया – कोई रोमांटिक मूवी चल रही थी, लेकिन हमारी नजरें तो एक-दूसरे पर टिकीं। “कैसा लगा मेरा घर?” उसने पूछा, मुस्कुराते हुए। “बहुत अच्छा,” मैंने कहा, लेकिन मन में चीख रही थी – ‘राहुल, अब बस कर, सीधे कह दे कि आज तू मेरी चूत में अपना लंड घुसाएगा!’

वो मेरे पास आया, मेरा हाथ पकड़ा और सहलाने लगा। उसकी उंगलियां मेरी हथेली पर सरक रही थीं, जैसे कोई जादू हो रहा हो। “समिता, आई लव यू,” बोला, आंखों में वो गहराई लिए। मैंने भी आंखें मिलाईं, “आई लव यू टू, राहुल।” बस, इतना ही काफी था। उसने मुझे अपनी ओर खींचा, अपनी मजबूत बाहों में कसकर जकड़ लिया। “तुम्हें पता नहीं, मैं तुम्हें कितना चाहता हूं। तुम्हारे बिना सांस नहीं आती। तुम्हारी ये आंखें, ये होंठ, ये बदन… सब कुछ परफेक्ट है।” मैं लजाते हुए बोली, “मैं भी तुझे बहुत चाहती हूं, राजा। तू मेरा सबकुछ है।” और फिर… उसके होंठ मेरे होंठों पर आ गए। वो किस इतना गहरा था, जैसे दो प्यासे यात्री पानी के स्रोत पर मिले हों। हमारी जीभें एक-दूसरे से लिपट गईं, सांसें मिलीं, लार का स्वाद महसूस हुआ। मैं उसके बालों में उंगलियां फेर रही थी, वो मेरी कमर को निचोड़ रहा था। कमरे में सिर्फ हमारी सिसकारियां गूंज रही थीं – आह्ह… उफ्फ… म्म्म…

पहले तो वो मेरी शर्ट के ऊपर से ही मम्मों को दबा रहा था, लेकिन जल्दी ही बर्दाश्त ना हो सका। हाथ पीछे सरका कर ब्रा का हुक खोल दिया। शर्ट ऊपर सरका दी, और पहली बार मेरे नंगे मम्मे उसके सामने थे – गोल, भरे-भरे, गुलाबी निप्पल्स तने हुए। मैं शरम से लाल हो गई, लेकिन जोश में डूबी हुई। “राहुल…” मैं फुसफुसाई। वो पागल हो गया – दोनों हाथों से मम्मों को पकड़ा, निचोड़ा, जैसे कोई बच्चा अपनी पसंदीदा खिलौना को दबा रहा हो। फिर सिर झुकाया और दाहिनी चूची को मुंह में भर लिया। ओह गॉड! वो चूसने लगा – छोटे बच्चे की तरह, जोर-जोर से। दांत हल्के से काटता, जीभ से चक्कर लगाता। दर्द और मजा का ऐसा मिश्रण, कि मेरी चूत से रस टपकने लगा। मैंने उसके सिर को कसकर पकड़ा, “चूसो राजा… हां, ऐसे ही… मर जाऊंगी मैं!” जैसे कोई मां अपने बच्चे को दूध पिला रही हो, मैं उसके बालों में उंगलियां फेर रही थी। मेरे मम्मे बड़े हैं – 34D साइज के – वो उन्हें मुंह में लेकर ऐसे चूस रहा था जैसे पूरा निगल जाएगा। जीभ निप्पल पर नाच रही थी, कभी चूचू-चूस, कभी चाट-चाट। करीब 20 मिनट ये सिलसिला चला – बारी-बारी दोनों चूचियों को। बीच-बीच में मैं उसके चेहरे को मम्मों पर दबा रही थी, सांसें तेज, बदन पसीने से भीगा। “राहुल, तू मुझे पागल कर देगा… आह्ह्ह!”

फिर वो उठा, अपनी शर्ट उतारी – उसकी छाती नंगी, मसल्स चमकते हुए। पैंट भी नीचे सरका दी, और उसका लंड बाहर आ गया – मोटा, लंबा, तना हुआ, टोपी लाल चमकती। मैं घूरती रह गई। “अब तू भी उतार,” बोला। मैंने स्कर्ट और पैंटी उतार फेंकी – अब हम दोनों नंगे। मेरे मम्मे चूसाई से चमक रहे थे, निप्पल्स और सख्त। जोश में मैं उसके ऊपर चढ़ गई, उसके लंड पर अपनी गांड और चूत रगड़ने लगी। वो नीचे लेटा सिसकारियां ले रहा था। मैंने पहले उसकी छाती पर किस किए – नमकीन स्वाद उसके पसीने का। फिर निप्पल्स को मुंह में लिया, चूसा। “हां डार्लिंग, चूसो इन्हें… ओह्ह, मजा आ रहा है!” वो कराहा। थोड़ी देर बाद मैं नीचे सरकी, उसके लंड तक। सांसें तेज, दिल धड़कता। लंड हाथ में लिया – गर्म, कड़ा, नसें फूली हुईं। “रानी, देख क्या रही है? चूस ले ना!” वो बोला।

मैंने जीभ निकाली, पहले टोपी पर चाटा – नमकीन, मस्की स्वाद। फिर होंठों से पकड़ा, चूसा। वो कराहा, “अह्ह्ह… जान, पूरा मुंह में ले… हां!” मैंने पूरा लंड मुंह में भरा – मुश्किल से आता था, लेकिन जोश में अंदर-बाहर करने लगी। सिर हिलाती, हाथ से सहलाती। “तुम तो एक्सपर्ट हो, समिता… ओह्ह फक!” वो तारीफ कर रहा था। फिर वो खड़ा हुआ, मैं घुटनों पर बैठ गई। लंड मुंह के पास – मैंने टाइट जकड़ा। अब वो मेरे मुंह की चुदाई करने लगा – जोर-जोर से अंदर-बाहर। गला तक जाता, आंसू आ जाते, लेकिन मजा… उफ्फ! 15 मिनट चला ये। अचानक स्पीड बढ़ी, और… गर्म रस मुंह में। पहली बार स्पर्म का स्वाद – थोड़ा नमकीन, चिपचिपा। मैं गर्म थी, सारा निगल गई। फिर लंड चाट-चाटकर साफ किया – चमक उठा वो।

अब हम साइड में लेटे, एक-दूसरे की बाहों में। सांसें धीमी हो रही थीं, लेकिन आग बुझी नहीं। थोड़ी देर बाद बोला, “फिर चूस ना।” मैंने ढीला लंड मुंह में लिया, चूसा – जल्दी ही फिर तन गया। अब उसने मुझे लिटाया, चूचियां चूसने लगा। हाथ नीचे सरका, चूत पर। मैं पहले से गीली थी – रस टपक रहा। उंगलियां होंठों पर फेरीं, फिर अलग कीं। “गीली हो गई रानी…” बोला। जोर से दबाया – आधी उंगली अंदर। “आह्ह!” दर्द और सुख की चीख निकली। फिर पूरी उंगली – मैं चिल्लाई। “घबराओ मत, अभी तो मेरा लंड तेरी चूत का रस पिएगा।” धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। अब मजा आने लगा – “जोर से करो!” मैं बोली। चूचियां चूसते हुए वो तेज हुआ, और मैं झड़ गई – शरीर कांप गया। उंगली निकाली, चाटी। “दुनिया का सबसे मीठा जूस… और मिलेगा?” “हां राजा, जितना चाहो।”

मैं आंखें बंद कर लेटी, लेकिन अचानक… उफ्फ! चूत पर नरम, गर्म एहसास। आंखें खोलीं – वो मुंह लगा रहा था! जीभ से चाट रहा, रस पी रहा। “ये… क्या?” मैं हंस पड़ी। “तेरा रस पी रहा हूं, डार्लिंग।” मैं तैयार हो गई, “चूस लो राजा… सारा रस पी लो, चूत को लाल कर दो!” सिर पकड़ा, दबाया। वो जीभ फेरने लगा – कुत्ते की तरह लंबी चाट। “जीभ अंदर घुसाओ!” बोली। पहले होंठों पर किस – जैसे मुंह पर। “ओह्ह… आह्ह… मर गई!” चीखी मैं। फिर जीभ अंदर – सांप की तरह लहराती। मैं बर्दाश्त ना कर सकी, सिर दबाया और उसके मुंह में झड़ गई – रस बह निकला। वो पीता रहा, चाटता रहा।

दोस्तों, ये तो बस शुरुआत थी – वो आग जो अभी सुलग रही थी। कैसे राहुल ने अपनी कुंवारी चूत में मोटा लंड घुसाया, मुझे चीखने पर मजबूर किया, और असली चुदाई का स्वर्ग दिखाया…

मेरा बॉयफ्रेंड मुझे पहली बार जमकर चोदा

आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई की कहानी बताने जा रही हु, ये कहानी आज से मात्र तीन दिन पहले की है, बिलकुल ताजी सेक्स कहानी जो मैं आपसे शेयर कर रही हु. दोस्तों मेरा नाम रुपाली है मैं दिल्ली में रहती हु, मैं अठारह साल की हु, मैं अभी पढाई कर रही हु, मेरा इससे पहले कोई बॉय फ्रेंड नहीं था. पर मेरी एक दोस्त है कंचन, उसका एक बॉय फ्रेंड है राजीव, वो हमेशा राजीव के बारे में ही कहते रहती थी, आज राजीव ने ये किया आज राजीव ने वो किया आज मेरे चूत में लंड ऐसे घुसाया, ऐसे किश किया, ऐसे मेरे चूचियों को दबाया, दोस्तों ये सब सुन सुन कर मेरा मन भी चुदने का करने लगा. और मुझे भी लड़कों में इंटरेस्ट होने लगा.

मुझे भी लगा की मेरा भी कोई बॉय फ्रेंड हो और मैं इसकी चाहत में इधर उधर कोई सुन्दर और सेक्सी लड़का ढूंढने लगी. काफी दिन इधर उधर अपने लिए बॉयफ्रेंड ढूंढने के बाद मेरे क्लास का ही एक लड़का समीर, जो की बड़ी ही हॉट था, उसकी एक और गर्लफ्रेंड थी. पर मुझे इससे कोई मतलब नहीं था, मैं तो अपने चूत में लंड डलवाना चाहती थी, थोड़े दिन में ही वो मेरे कब्जे में आ गया, खूब घुमाया फिराया, चूचियां दबाया, अब मुझे असली मुकाम तक पहुचना था. मैं उसके बाइक पे पीछे बैठती और अपनी चूचियां उसके पीठ में चिपकाये हुए रखती. आखिर वो दिन आ गया जब वो मुझसे चूत मांग लिया. और मैंने पहले थोड़ा ना नुकुर की और फिर मैंने हामी भर दी. और फिर एक डेट फिक्स हो गया.

15 अगस्त के दिन ही मैंने अपने घर से बहाना बनाई की आज मेरी दोस्त के यहाँ पार्टी है. मैं वही जाउंगी. मेरे घर बाले ज्यादा कुछ पूछे भी नहीं. और उन्होंने कह दिया ठीक है शाम को जल्दी ही घर आ जाना. दिन के करीब ११ बज रहे थे मैंने समीर को व्हाट्सएप्प की की जल्दी आ जाओ. और मैंने अपने घर से थोड़े दूर पर ही उसका वेट करने लगी. वो बड़ा हैंडसम लग रहा था. बाइक पर था. ब्लैक कलर का चस्मा लगा कर बिलकुल हीरो लग रहा था. मैं तो उसके हीरोपंती से घायल हो गई. मैं पीछे बैठ गई और बाहों में भर लिया और उसके पीठ पर अपनी चूची को टिका दी.

मैंने कहा कही जगह है की कोई होटल में चले? तो उसने कहा की मेरे पास दोस्त के फ्लैट की चाभी है. मेरा दोस्त दिल्ली से बाहर गया है. हम दोनों वही आज एन्जॉय करेंगे. और फिर हम दोनों उसके फ्लैट पे चले गए. दोस्तों हम दोनों अंदर जाते ही. एक दूसरे के बाहों में हो गए. और वो मेरे होठ को चूसने लगा. और मैंने भी उसके होठ को चूसने लगी. वो मेरी चूचियों को दबाने लगा. और मैं भी उसके बाल को सहलाने लगी. धीरे धीरे हम दोनों बैडरूम में आ गए और समीर ने मुझे बेड पे पटक दिया, उसने मेरा समीज और सलवार उतार दिया और अपना भी कपड़ा उतार दिया.

वो जल्दबाजी नहीं करना चाह रहा था वो मुझे तड़पा रहा था, उसको लड़की चोदने का एक्सपीरेंस थे और मुझे कुछ भी नहीं पता था. वो मेरी दोस्त ने जो सेक्स के बारे में बताई वही पता था. मैं ब्रा और पेंटी में थी. वो मेरे होठ को चूमते हुए, मेरे कंधे को चूमते हुए मेरे चूचियों के बिच में मुह रगड़ रहा था मैं उस समय ब्रा में थी. फिर वो सरक कर निचे आया और मेरे पेट को जीभ से छूने लगा और थोड़ा निचे आकर मेरे नाभि में अपना जीभ डालने लगा. मैं तड़प रही थी, मेरे रोम रोम खड़े हो रहे थे. और मैं तकिये को अपने मुठी में पकड़ रही थी मेरे होठ अनायास ही दांत के बिच में जा रहा था. मेरी आँखे बंद हो रही थी. फिर वो थोड़ा सरक कर निचे गया और मेरी पेंटी को सूंघने लगा. मेरा तो हालात बहूत ज्यादा खराब होने लगा. वो फिर सरक कर निचे गया मेरे घुटने से होते हुए मेरे पैर के अंघूठे को अपने मुह में ले लिया. और फिर से ऊपर आ गया अब वो मेरा ब्रा को खोल दिया और अपने जीभ से निप्पल को छूने लगा. वो जोर से नहीं कुछ कर रहा था वो हलके हकले से निप्पल को छू रहा था, इससे मेरे शरीर में सिहरन होने लगी और मैं पुरे तरीके से तड़पने लगी.

वो फिर निचे आ गया और मेरी पेंटी को उतार दिया और फिर मेरे टांगो को अलग अलग करके. बिच में अपना मुह गुसा दिया और मेरे चूत के दोनों साइड की झिल्ली को अपने हाथो से अलग किया और बोला वाओ, और फिर अपना मुह लगा दिया. मैं तो पागल होने लगी. आज तक कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ था. बहूत ही मजा आ रहा था. गजब का एहसास था. जब वो मेरी चूत को चाट रहा था. फिर उसने चिर कर देखा , मैं वर्जिन थी. आज तक कभी चुदी नहीं थी. उसने बोला आज तो मैं तेरी वर्जिनिटी तोड़ दूंगा. मैं तुरंत बोल उठी ये मौक़ा मैं तुमको दे रही ही. आज तक मेरे चूत को किसी ने नहीं छुआ.

तभी समीर उठा गया और अपने पेंट की जेब से दस हजार रूपये मुझे दिए. और बोला ये तुम्हारा वर्जिनिटी खोने का इनाम है. मैं काफी दिन से ऐसी लड़की को ढूंढ रहा था जो आज तक चुदी ना हो. और आज मुझे तुम मिल गई. मैंने कहा कोई जल्दी बजी नहीं करना मुझे काफी दर्द हो सकता है. उसने कहा तुम चिंता नहीं करो मैं धीरे से तुम्हारी चूत की झिल्ली को तोडूंगा. और उसने अपना लंड निकाल लिया दोस्तों और उसमे थूक लगा कर मेरे चूत पर सेट किया, और अंदर घुसाने लगा. पर मेरे चूत के अंदर उसका लंड जा नहीं रहा था. क्यों की उसका लंड काफी मोटा था. और मेरी चूत की छेद काफी छोटी थी. उसने फिर से तरय किया तो थोड़ा सा अंदर गया. मुझे काफी दर्द होने लगा. मैंने कहा रुको रुको पर वो नहीं माना और जोर से धक्का दे दिया.

दोस्तों मैं दर्द से कराह उठी. उसने बोला हिलना मत अब दर्द ख़तम हो जायेगा. और हुआ भी वैसा ही. वो मुझे चोदने लगा. जोर जोर से मेरी चूत में लंड को पेलने लगा. मेरी चूत में उसका लंड बिलकुल सेट हो गया था. उसने फिर चूत से लंड निकाला और फिर से डाला. जब वो दुबारा घुसाता था मुझे काफी दर्द होने लगता था. तभी समीर बोल उठा अरे यार तेरी चूत से तो खून निकल रहा है. मैंने अपना हाथ लगा कर देखा तो सच में खून निकल रहा था. दोस्तों मैं पहले से ही नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ चुकी थी की पहली बार चोदने पे खून निकलता है और समीर भी बोला की पहली बार में खून निकलता है यही होती है कोरी चूत की निशानी इसका मतलब होता है की इसके पहले तुम किसी और से नहीं चुदी है.

फिर क्या था दोस्तों मैं अपनी वर्जिनिटी खो चुकी थी. अब वो निचे आ गया था मैं ऊपर आ गई थी उसका लंड पकड़ कर मैं अपने चूत पे सेट की और अंदर समा ली. और फिर उछल उछल कर चुदवाने लगी. अब मुझे काफी मजा आने लगा. अब मुझे दर्द भी नहीं कर रहा था, करीब १० मिनट ऊपर चुदने के बाद फिर से मैं निचे आ गया. और फिर उसने मेरे चूत के कभी इधर से कभी उधर से कभी डौगी स्टाइल में कभी साइड से. खूब चोदा, दोस्तों उस दिन मैं करीब २ घंटे तक चुदी उसमे मैं करीब पांच बार झड़ चुकी थी और समीर भी दो बार अपने माल को निकाल चूका था.

दोस्तों आज मेरी हालात ऐसी है की मैं ठीक से चल नहीं पा रही हु, मेरी चूत काफी सूज चुकी है. चलने में भी दर्द हो रहा है. पर जो भी हो बहूत मजा आया था. अब अगली बार जब चुदुंगी मैं जरूर बताउंगी. तब तक के लिए आप भी मूठ मार लें.