बबिता जी की मां बनने की इच्छा-1

हैलो दोस्तों मेरा नाम अंकित गोयल है। मैं अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ। आशा करता हूँ कि आपको अच्छा लगेगा। तो आइये अब कहानी शुरू करते हैं।

अच्छा तो जैसा कि आप सब जानते हैं, कि गोकुलधाम की सारी महिलाएं माँ बन चुकी हैं, लेकिन सिर्फ बबिता और अंजलि ही हैं जिनके कोई अभी बच्चे नहीं हैं। इसलिए एक दोपहर अंजलि और बबिता आपस में एक-दूसरे से बात कर रही है, और वो सोच रही है क्यों ना अब वे भी माँ बन जाए। तो इस पर बबिता कहती हैं कि वो इस बारे में अय्यर से बात करेगी और अंजलि भी इस बारे में तारक से बात करने वाली थी।

रात के समय जब अय्यर ऑफिस से घर आता है तो बबिता उसे वेलकम करती है और फिर वो दोनों डिनर करने के लिए बैठ जाते हैं डिनर टेबल पर। बबिता थोड़ी शरमाती हुई अय्यर से कहती है कि क्यों ना उन्हें अब बच्चा कर लेना चाहिए। अय्यर एक-दम से चौंक जाता है और बबिता को कहता है “क्या!” इस पर बबिता कहती है कि हाँ उसने ठीक सुना।

वो प्रेग्नेंट होना चाहती है। फिर अय्यर थोड़ा सोचता है, और उसके बाद मान जाता है। वह बबिता को कहता है कि वह सोडा पीने जा रहा है, और जब वह वापस आएगा तो बबिता उसके लिए तैयार रहें। और ये कह कर वह सोडा पीने चला जाता है।

अय्यर के जाने के बाद बबिता पहले थोड़ा शरमाती है, और फिर बाथरूम में चली जाती है। बाथरूम में जाकर पहले वह अपने सारे कपड़े उतारती है, और फिर ब्लैक कलर की ब्रा और पेंटी पहन लेती है, जो कि ट्रांसपैरेंट थी दोनों ही। उसके बाद वह एक ब्लू कलर का चमकदार सूट पहनती है, और नीचे लाल कलर की सलवार होती है हाथों में खनकती हुई चूड़ियां थी। कानों में झुमके, गले में एक सुंदर सा हार पैरों में पायल और घर की लाइट थोड़ी डिम कर देती है।

चारों तरफ एयर फ्रेशनर की वजह से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी। बबिता भी बहुत अच्छा परफ्यूम लगा लेती है। वह अपने बालों को खुले ही रखती है। मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहनती है, और थोड़ी लो हील्स पहनती है। अब वह पूरी तरह से अय्यर के लिए तैयार थी।

अय्यर जब सोडा पीके वापस आता है, तो बबिता ने दरवाजा खुला ही रखा होता है। तो वह सीधा अंदर आ जाता है। अंदर आके वह देखता है एक डिम लाइट, इतनी अच्छी खुशबू, और बहुत ही रोमांटिक माहौल होता है। फिर वह आवाज देता है “बबिता, बबिता”। आवाज सुन कर बबिता बेडरूम से धीरे-धीरे कैटवॉक करते हुए बाहर आती है, क्योंकि उसने पैरों में पायल पहनी हुई थी तो पूरे घर में छ्न छ्न छन छ्न की आवाज गूंज रही थी।

बबिता धीरे-धीरे अय्यर के पास आती है। अय्यर उसे देखते ही रह जाता है, क्योंकि वह इतनी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी, और अब आप सब जानते ही हैं बबिता की ब्रेस्ट का साइज तो। और ऊपर से उसने एक दम फिट सूट पहना हुआ था। अय्यर उसे देख के पागल हो जाता है। अय्यर कहता है, “बबिता अब एक बच्चे से काम नहीं चलेगा लगता है। 10-12 बच्चे तो करने ही पड़ेंगे”।

इसके बाद वह बबिता का हाथ पकड़ कर उसे बेडरूम में ले जाता है। बबिता शर्माती हुई अपनी पायल की छ्न छ्न की आवाज के साथ बेडरूम में चली जाती है। अय्यर बेडरूम का दरवाजा बंद कर लेता है।

क्योंकि अय्यर को पता था कि आज उसे बबिता के साथ सेक्स करना था। इसीलिए उसने अब्दुल की दुकान पे ही वायग्रा की दो गोलियां खा ली थी। ऊपर से बबिता इतनी हॉट लग रही थी कि अय्यर का लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था। वह बबिता का हाथ पकड़ता है और उसे झटके से अपनी ओर खींचता है, जिससे बबिता अय्यर से टकरा जाती है।

बबिता की चूचियां अय्यर के सीने में गढ़ रही थी, और उसका खड़ा लौडा बबिता को महसूस हो रहा था अपने पेट पर। अब बबिता थोड़ा शर्मा जाती है। अय्यर अपना एक हाथ उसकी कमर में डाल देता है और दूसरे हाथ से उसके चूत्तड़ पकड़ लेता है, और ज़ोर से दबा देता है बबिता के मुँह से आह निकल जाती है। अब अय्यर और बबिता बिल्कुल नजदीक थे। उनके बीच में किसी चीज़ के लिए कोई जगह नहीं थी।

उनकी सांसें एक-दूसरे से टकरा रही थी उनके होंठ एक-दूसरे को खा जाने के लिए तैयार थे। बबिता भी पूरी तरह से तैयार थी माँ बनने के लिए। अब अय्यर आगे बढ़ता है, और बबिता को गाल पे एक किस कर देता है जिससे बबिता थोड़ा सहम जाती है। अब वह अपने दोनों हाथ बबिता के गालों पर रखता है, और उसे अपने पास ले आता है, और अय्यर बबिता के होठों पर किस करना शुरू कर देता है।

इस समय बबिता ने अपने हाथों को अय्यर की कमर पर रखा हुआ था। अय्यर उसके नीचे वाले होठ को पकड़ लेता है, और ऐसे चूसता है जैसे कोई छोटा बच्चा आइसक्रीम चूस रहा हो। वह उसे लगातार चूसता रहता है। इतना चूसता है कि अय्यर के दांत उसमें गढ़ जाते हैं और उसके होंठ पे खून आ जाता है।

फिर बबिता कहती है, “पागल हो गए हो क्या? ऐसे तो तुम मुझे खा ही जाओगे”। फिर अय्यर थोड़ा होश में आता है और उसके होठों पर नॉर्मल किस करना शुरू करता है। अब पूरे कमरे में सिर्फ उनके किस की आवाजें गूंज रही थी पुच… पुच… पुच… पुच…

बबिता की सांसें तेज हो रही थी। उन दोनों का ये चुंबन लगभग 15 मिनट चलता है।इसके बाद अय्यर और बबिता ने एक-दूसरे को देखा, और उन दोनों के चेहरे पर एक दूसरे का थूक लगा हुआ था। इसे देख कर वो दोनों स्माइल करते हैं।

उसके बाद अय्यर बेड पे बैठ जाता है और बबिता को अपनी गोद में बिठा लेता है अब अय्यर का खड़ा लंड़ बबिता की गांड में चुभ रहा था। बबिता को यह बहुत अच्छा लग रहा था। फिर वह बबिता की गर्दन से बालों को हटाता है, और धीरे से उसके नेकलेस को उतार देता है और उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर देता है। अब बबिता धीरे-धीरे मौन करना लगती है, और बबिता कि चूत पानी छोड़ना शुरू कर देती है।

बबिता ने अपने हाथों से बेड को कस कर पकड़ा हुआ था और वह बस मज़े ले रही थी। अय्यर उसे चाट रहा था। उसकी गर्दन को चाट रहा था और अपने हाथ अय्यर ने बबिता की जांघों पर रखे हुए थे। बीच-बीच में वह उसकी वजाइना को भी छू रहा था। इस तरह से किस करने के बाद अय्यर बबिता के हाथों को पकड़ लेता है, और धीरे-धीरे अपने हाथ उसकी बाहों के ऊपर ले जाने लगता है।

वो उसके कंधों तक पहुँच जाता है‌, और  उसके कंधों से सूट को हटा देता है। फिर पीछे की डोरी खोल कर उसकी काले रंग की ब्रा स्ट्रैप बाहर आ जाती है और सूट चूचियों से थोड़ा नीचे चला जाता है तो उसकी चूचियां भी दिख रही थी। उनके बीच में मंगलसूत्र फंसा हुआ था। वह फिर से उसकी कमर में किस करता है। फिर वह उसी पोजिशन में बैठे-बैठे बबिता को सूट निकालने को कहता है।

बबिता को थोड़ी मुश्किल होती है, पर वह सूट निकाल देती हैं। जैसे ही सूट निकलता है, अय्यर कस कर उसके पेट को पकड़ लेता है और उसकी कमर को चाटने लगता है। अय्यर उसकी बरा भी उतार के फेंक देता है, और फिर आप सब जानते हैं कि क्या हुआ होगा। अय्यर उसकी चूचियों को ज़ोर से पकड़ लेता है और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगता है। क्योंकि बबिता का मंगलसूत्र उसकी चूचियों के बीच मे फसा हुआ था, तो अय्यर के जोर से दबाने के कारण मंगलसूत्र बबिता की चूचियों में गड़ जाता है।

इसके कारण बबिता को दर्द होता है और बबिता की चीख निकल जाती है आहहह… और बबिता की चूचियों से खून निकल जाता है। उसके बाद अय्यर बबिता के पिंक निप्पलस को अपनी उंगलियों से मसलता है, जिसकी वजह से बबिता को दर्द होता है और वह बोलती है कि, “आराम से करो ना अय्यर, ऐसे तो मैं दर्द से मर जाऊंगी”।

पर अय्यर बबिता कि बात पर ध्यान नहीं देता, और लगातार बबिता की गोरी-गोरी चूचियों को दबाता रहता है, और बीच-बीच में उसके पिंक निप्पलस को मसलता रहता है, जिसके कारण बबिता को दर्द हो रहा था, और वह चीख रही थी, “आहहह आहहह आहहह माँ, मर गई आहहह”। और उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं। पूरे कमरे में बस बबिता की चीखें और उसके रोने की आवाज गूंज रही थी।

फिर अय्यर उसकी सलवार का नाड़ा पकड़ता है, और उसे झटके से खोल देता है। फिर बबिता को खड़ा करता है, जिससे उसकी सलवार नीचे गिर जाती है। फिर वह उसकी पेंटी को फाड़ देता है, और खुद भी अपने सारे कपड़े उतार देता है, तो अब आप सोच सकते हैं कमरे में क्या सीन होगा। बबिता जैसी हॉट औरत बिल्कुल नंगी खड़ी थी अय्यर के सामने चुदने को तैयार।

अब अय्यर बबिता को अपनी गोद में उल्टा लिटा लेता है। मतलब अय्यर बैठा हुआ था और बबिता की पेट अय्यर के घुटनों पे था, और वह बेड पे उल्टी लेटी हुई थी। जिससे कि बबिता के चूतड़ अय्यर के मुँह के सामने थे। अब अय्यर वहाँ पड़े आइस बॉक्स में से बर्फ़ का एक टुकड़ा निकलता है, और उसे बबिता की कमर पर लगाता है। क्योंकि सर्दी का मौसम था, और एक-दम से बर्फ़ लगने से बबिता को बुरी तरह से झटका लगता है।

अब वो धीरे-धीरे बर्फ़ को उसकी गांड के छेद के पास ले जाता है, और धीरे से बर्फ़ को बबिता की गांड के छेद में डाल देता है। जिससे बबिता को दर्द होता है तो बबिता करहाती है आहह आहह। अय्यर अपने दोनों हाथों से बबिता के चूतड़ों को ज़ोर-ज़ोर से दबाता है। बीच-बीच में उन पर थप्पड़ भी मारता है।

जैसे ही वह थप्पड़ मारता है बबिता के मुँह से आहह निकल जाती है दर्द के कारण। फिर वह बबिता की चूत में अपना हाथ रख देता है, जिससे मानो बबिता कांप जाती है एक-दम से। फिर वह बिना कुछ सोचे एक-दम से अपनी दो उंगलियां बबिता की चूत के अंदर डाल देता है। अब बबिता के मुँह से सिसकारियां निकलने लगती है, “आहह आहह आहह आहह आहहह”।

अय्यर अपनी उंगलियों को ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर करने लगता है, जिससे बबिता पानी छोड़ देती है। बबिता सिसकारियां लिए जा रही थी। अब वह बबिता को बेड पे लिटा देता है। बबिता बिल्कुल नंगी बेड पर लेटी हुई थी, और सेक्स के लिए तड़प रही थी। अब अय्यर बबिता के ऊपर जाता है। पहले उसके गालों पर किस करता है। फिर उसके होठों पर बहुत ज़ोर से किस करता है, जिसकी वजह से पहले जहाँ होंठ फटा था वहाँ से दोबारा खून आने लगता है।

फिर अय्यर बबिता की चूचियों पर किस करता है उनके निपल्स को जोर से काटता है, जिसकी वजह से बबिता की आंख में आंसू आ जाते हैं दर्द के कारण। फिर वह उसके पेट को चूमना शुरू करता है। बबिता की नाभि को तो मानो वो खा ही जाएगा।

फिर वह उसकी चूत के पास आता है। उसकी टांगों को किस करता है। उसके चूतड़ों को दबाता है, और अब अय्यर का लोड़ा भी पूरी तरह से खड़ा हो गया था। लोड़ा बबिता को प्रेग्नेंट करने के लिए बिल्कुल तैयार था। बबिता से भी रहा नहीं जा रहा था, तो वह कहती हैं, “अय्यर अब मुझे और मत तड़पाओ, प्लीज़ मेरे साथ सेक्स करो ना”।

आज की कहानी को यहीं विराम देता हूँ। इससे आगे की कहानी अगले पार्ट में। आशा करता हूँ कि आपको यह कहानी अच्छी लगी होगी।

टप्पू ने किया बबीता को प्रेगनेंट

सभी पाठकों को मालूम है कि बबीता को अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था। बबीता और अय्यर की शादी को पूरे दस साल हो चुके थे, लेकिन अय्यर बबीता को माँ बनाने में नाकाम रहा था। बबीता, 32 साल की एक खूबसूरत औरत, जिसका गोरा रंग, भरी हुई चूचियाँ, और टाइट गांड हर मर्द का ध्यान खींचती थी। उसकी हँसी और बोलने का अंदाज़ इतना सेक्सी था कि कोई भी उसकी ओर आकर्षित हो जाए। दूसरी तरफ, अय्यर, 38 साल का, एक साधारण सा वैज्ञानिक, जिसे अपनी बीवी की खूबसूरती पर गर्व था, लेकिन बिस्तर पर वो बबीता की आग को शांत नहीं कर पाता था। और फिर था टप्पू, 21 साल का जवान लड़का, कॉलेज स्टूडेंट, लंबा, गोरा, मस्कुलर बॉडी, और एक ऐसा लंड जो किसी भी औरत को पागल कर दे। टप्पू का कॉन्फिडेंस और उसकी चाल-ढाल उसे सोसाइटी का सबसे चहेता लड़का बनाती थी।

एक सोमवार की सुबह, टप्पू अपनी चमचमाती बाइक पर कॉलेज के लिए निकल रहा था। उसने काले रंग की टी-शर्ट और टाइट जीन्स पहनी थी, जो उसकी मस्कुलर बॉडी को और निखार रही थी। जैसे ही वो सोसाइटी के कंपाउंड से गुज़र रहा था, उसकी नज़र बबीता पर पड़ी। बबीता ने टाइट सफेद कुर्ती और नीली लेगिंग्स पहनी थी, जिसमें उसकी भरी चूचियाँ और गोल गांड साफ झलक रही थी। वो अपने बालों को लहराते हुए तेज़ कदमों से कहीं जा रही थी।

टप्पू ने बाइक रोकते हुए ज़ोर से कहा, “गुड मॉर्निंग बबीता आंटी! आप कहाँ जा रही हो?”

बबीता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “गुड मॉर्निंग टप्पू! मैं अपनी फ्रेंड के घर जा रही हूँ, सनराइज़ अपार्टमेंट, बस तीन घंटे के लिए।”

टप्पू ने तुरंत मौका देखते हुए कहा, “अरे आंटी, वो तो मेरे कॉलेज के पास ही है! आ जाओ, मैं आपको ड्रॉप कर देता हूँ, और बाद में पिक भी कर लूँगा।”

बबीता ने उसकी ओर देखा, उसकी मासूमियत भरी मुस्कान पर फिदा हो गई। “अरे, कितना स्वीट है तू टप्पू!” उसने कहा और बाइक पर पीछे बैठ गई। जैसे ही बबीता टप्पू के पीछे बैठी, उसकी चूचियाँ टप्पू की पीठ से टकराईं, और टप्पू को एक हल्का सा करंट सा लगा। बबीता ने अपनी बाहें टप्पू की कमर पर कस दीं, और उसकी उंगलियाँ धीरे से उसकी एब्स को टटोल रही थीं। टप्पू ने बाइक स्टार्ट की और दोनों सनराइज़ अपार्टमेंट की ओर निकल पड़े।

जब टप्पू बबीता को लेकर कॉलेज के सामने से गुज़रा, तो कॉलेज के सारे लड़के उसे घूरने लगे। “क्या माल पटा लिया टप्पू ने!” एक लड़के ने अपने दोस्त से फुसफुसाते हुए कहा। बबीता की टाइट कुर्ती में उसकी चूचियाँ उछल रही थीं, और उसकी लेगिंग्स में उसकी गांड का उभार साफ दिख रहा था। टप्पू को ये देखकर गर्व महसूस हुआ, और उसने बाइक की स्पीड और बढ़ा दी।

कॉलेज खत्म होने के बाद, टप्पू बबीता को पिक करने सनराइज़ अपार्टमेंट पहुँचा। बबीता बाहर इंतज़ार कर रही थी, और उसने अब एक हल्का मेकअप कर लिया था, जिससे वो और भी हॉट लग रही थी। टप्पू ने कहा, “आंटी, मुझे मॉल से एक जीन्स लेनी है, बस 10 मिनट का काम है। आप चलोगी?”

बबीता ने हँसते हुए कहा, “हाँ, क्यों नहीं! चल, मैं भी कुछ देख लूँगी।” दोनों मॉल की ओर निकल पड़े। मॉल में टप्पू ने एक टाइट ब्लू जीन्स पसंद की, और बबीता ने एक सेक्सी रेड ड्रेस चुनी, जो इतनी टाइट थी कि उसमें उसकी चूचियाँ और गांड पूरी तरह हाइलाइट हो रही थीं। टप्पू चेंजिंग रूम की ओर गया, लेकिन जल्दबाज़ी में उसने दरवाज़ा लॉक करना भूल गया। बबीता भी अपनी ड्रेस ट्राय करने के लिए चेंजिंग रूम की ओर गई, और गलती से उसी रूम में घुस गई जहाँ टप्पू था।

जैसे ही बबीता ने दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र टप्पू पर पड़ी। टप्पू ने नीचे कुछ नहीं पहना था, और उसका 12.5 इंच का मोटा, काला लंड पूरी तरह तना हुआ था। उसका लंड इतना मोटा और लंबा था कि बबीता की आँखें फटी की फटी रह गईं। उसने ज़ोर से चीख मारी, “अरे टप्पू!”

टप्पू ने फटाफट दरवाज़ा लॉक किया और कहा, “अरे बबीता आंटी, आप मेरे रूम में क्यों आ गईं?”

बबीता ने हड़बड़ाते हुए कहा, “टप्पू, और कोई रूम खाली नहीं था!” उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसकी आँखें बार-बार टप्पू के लंड की ओर जा रही थीं।

टप्पू ने हँसते हुए कहा, “ठीक है आंटी, मैं अपनी जीन्स ट्राय कर रहा हूँ, आप अपनी ड्रेस ट्राय कर लो।” बबीता ने हिचकते हुए अपनी कुर्ती उतारी। जैसे ही उसने कुर्ती खींची, उसकी भारी चूचियाँ ब्रा से बाहर उछल पड़ीं। उसकी काली ब्रा में उसकी चूचियाँ इतनी टाइट थीं कि लग रहा था ब्रा फट जाएगी। टप्पू की नज़रें उसकी चूचियों पर टिक गईं, और उसका लंड अब 12.5 से 15 इंच का हो गया। उसका लंड इतना सख्त था कि वो हिल भी नहीं रहा था।

बबीता ने टप्पू की हालत देखी और उसकी साँसें और तेज़ हो गईं। उसने अपनी लेगिंग्स भी उतार दी, और अब वो सिर्फ़ काली ब्रा और पैंटी में थी। उसकी पैंटी इतनी टाइट थी कि उसकी चूत का उभार साफ दिख रहा था। टप्पू का कंट्रोल अब टूट रहा था। उसने धीरे से कहा, “बबीता आंटी, आप तो बहुत सेक्सी हो… क… क्या मैं…?”

बबीता ने उसकी बात काटते हुए कहा, “टप्पू, ये गलत है… लेकिन…” उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वो जानती थी कि अय्यर उसे कभी संतुष्ट नहीं कर पाया था, और टप्पू का ये विशाल लंड उसे पागल कर रहा था। उसने धीरे से अपनी ब्रा का हुक खोला, और उसकी भारी चूचियाँ आज़ाद हो गईं। उसकी चूचियाँ इतनी सख्त और गोल थीं कि टप्पू की साँस रुक गई।

 

टप्पू ने अब और इंतज़ार नहीं किया। वो बबीता के पास गया और उसकी चूचियों पर टूट पड़ा। उसने एक चूची को अपने मुँह में लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। “आआह… टप्पू…” बबीता की सिसकारियाँ निकलने लगीं। उसने टप्पू के बाल पकड़ लिए और उसे और ज़ोर से अपनी चूचियों पर दबाने लगी। टप्पू ने दूसरी चूची को अपने हाथ से मसला, और उसका निप्पल इतना सख्त था कि टप्पू को लगा वो फट जाएगा।

बबीता ने सिसकारी लेते हुए कहा, “टप्पू, तेरा लंड… इतना बड़ा… मैंने कभी नहीं देखा…” टप्पू ने उसकी पैंटी की ओर देखा, जो अब पूरी गीली हो चुकी थी। उसने धीरे से बबीता की पैंटी उतारी, और उसकी गुलाबी चूत नज़र आई, जो पूरी तरह गीली थी और चमक रही थी। टप्पू ने अपनी उंगलियाँ उसकी चूत पर फिराईं, और बबीता की सिसकारी और तेज़ हो गई। “आआह… टप्पू… मत तड़पाओ…” उसने कहा।

टप्पू ने बबीता को चेंजिंग रूम की दीवार से टिका दिया और उसकी टाँगें चौड़ी कीं। उसने अपना मोटा लंड उसकी चूत पर रगड़ा, और बबीता की सिसकारियाँ अब चीखों में बदल गईं। “आआह… टप्पू… धीरे…” उसने कहा, लेकिन टप्पू का कंट्रोल अब पूरी तरह खत्म हो चुका था। उसने अपना लंड धीरे से उसकी चूत में घुसाया, लेकिन उसकी चूत इतनी टाइट थी कि सिर्फ़ आधा लंड ही अंदर गया। “आआह… टप्पू… तेरा लंड… इतना मोटा…” बबीता की आवाज़ काँप रही थी।

टप्पू ने एक ज़ोर का धक्का मारा, और उसका पूरा 15 इंच का लंड बबीता की चूत में समा गया। “आआआह… उउउह… टप्पू… मार डालेगा क्या…” बबीता चीख पड़ी। टप्पू ने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए, और हर धक्के के साथ बबीता की चूचियाँ उछल रही थीं। “थप… थप… थप…” की आवाज़ चेंजिंग रूम में गूँज रही थी। बबीता की सिसकारियाँ अब पूरे मॉल में सुनाई दे रही थीं। “आआह… उउउह… टप्पू… और ज़ोर से… फाड़ दे मेरी चूत…” उसने चीखते हुए कहा।

टप्पू ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। उसका लंड बबीता की चूत को चीरता हुआ अंदर-बाहर हो रहा था। बबीता की चूत से रस टपक रहा था, जो चेंजिंग रूम की फर्श पर गिर रहा था। टप्पू ने बबीता को घुमाया और उसे दीवार पर झुका दिया। उसने बबीता की गांड पर एक ज़ोर का चमाट मारा, और बबीता की चीख निकल गई। “आआह… टप्पू… तू कितना जंगली है…” उसने कहा।

टप्पू ने अपना लंड बबीता की गांड के छेद पर रगड़ा। “आंटी, आपकी गांड तो और भी टाइट लग रही है… थोड़ा एनल ट्राय करें?” उसने पूछा। बबीता ने हिचकते हुए कहा, “टप्पू… वो बहुत बड़ा है… मैं नहीं ले पाऊँगी…” लेकिन टप्पू ने उसकी बात अनसुनी कर दी। उसने अपना लंड धीरे से उसकी गांड में घुसाया, और बबीता की चीख पूरे मॉल में गूँज गई। “आआआह… टप्पू… फट गई मेरी गांड…” उसने चीखते हुए कहा।

टप्पू ने धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाई, और अब उसका लंड बबीता की गांड को चीर रहा था। “थप… थप… थप…” की आवाज़ के साथ बबीता की सिसकारियाँ मॉल में गूँज रही थीं। “आआह… उउउह… टप्पू… तू कितना मर्द है… आआह…” बबीता बार-बार चीख रही थी। टप्पू ने 15 मिनट तक उसकी गांड मारी, और बबीता की हालत ऐसी हो गई थी कि वो ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी।

फिर बबीता ने टप्पू को नीचे बिठाया और उसका लंड अपने मुँह में ले लिया। “उम्म… स्लर्प… उग्ग…” उसने ज़ोर-ज़ोर से टप्पू का लंड चूसा। उसका लंड इतना मोटा था कि बबीता का मुँह पूरा खुल गया। टप्पू ने बबीता के बाल पकड़ लिए और उसके मुँह को और ज़ोर से अपने लंड पर दबाया। “आआह… बबीता आंटी… आप तो कमाल हो…” टप्पू ने सिसकारी लेते हुए कहा।

बबीता ने टप्पू का लंड चूसते हुए कहा, “टप्पू… तेरा लंड… इतना मज़ा दे रहा है… आआह…” उसने टप्पू के लंड को चाटा, चूसा, और फिर से उसकी चूत में ले लिया। टप्पू ने फिर से बबीता की चूत को निशाना बनाया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। “थप… थप… थप…” की आवाज़ के साथ बबीता की चीखें फिर से गूँजने लगीं। “आआह… टप्पू… धीरे… मेरी चूत फट जाएगी…” उसने कहा, लेकिन टप्पू ने उसकी एक न सुनी।

टप्पू ने एक आखिरी ज़ोर का धक्का मारा, और उसका सारा माल बबीता की चूत में भर गया। इतना सारा माल था कि बबीता की चूत से ओवरफ्लो होकर चेंजिंग रूम की फर्श पर गिर गया। बबीता की चूत पूरी तरह फट चुकी थी, और वो थककर दीवार से टिक गई। उसने अपनी ज़िंदगी में पहली बार इतना ज़ोरदार और ब्रूटल सेक्स किया था। टप्पू ने भी हाँफते हुए कहा, “बबीता आंटी… आपकी चूत और गांड… बस मज़ा आ गया।”

दोनों ने अपने कपड़े पहने और चेंजिंग रूम से बाहर निकले। जैसे ही वो निकले, कुछ और औरतें चेंजिंग रूम में घुसीं और टप्पू का बचा हुआ माल चाटने लगीं। बबीता को ये देखकर थोड़ा अजीब लगा, लेकिन वो चुप रही।

दो दिन बाद, बबीता के पीरियड्स मिस हो गए। उसने डरते-डरते प्रेगनेंसी टेस्ट किया, और रिजल्ट पॉजिटिव आया। वो प्रेगनेंट थी। अय्यर दस साल में बबीता को प्रेगनेंट नहीं कर पाया, लेकिन टप्पू ने सिर्फ़ 10 मिनट में ये कर दिखाया। बबीता ने टप्पू को फोन किया और ये खबर दी। टप्पू तो खुशी से उछल पड़ा, लेकिन बबीता टेंशन में थी। उसका दिल धड़क रहा था, और वो सोच रही थी कि अब क्या होगा।

बबिता जी की मां बनने की इच्छा-2

अय्यर बबिता मिशनरी पोजिशन में थे। अय्यर अपने लोड़े को बबिता की चूत के ऊपर सेट करता है, और धीरे-धीरे अंदर डालने लगता है। लंड का ऊपरी सिरा बबिता की चूत में चला जाता है। बबिता के मुँह से आह निकलती है।

फिर अय्यर एक जोरदार धक्का मारता है, जिससे अय्यर का पूरा लंड बबिता की चूत में चला जाता है। जिसकी वजह से बबिता को बहुत ज्यादा दर्द होता है, क्योंकि उसने बहुत लंबे समय से सेक्स नहीं किया था। और दर्द की वजह से उसके मुँह से चीख निकल जाती है, “आहहहहहह मर गई माँ”, और उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं।

वह इतनी ज़ोर से चीखती है, कि उसकी चीख उसके बेडरूम से होते हुए उसके हॉल से होते हुए बाहर तक सुनाई दे रही थी , और बाहर वहां से पोपट लाल गुज़र रहा था। वह चीख सुनता है और समझ जाता है कि आज बबिता की अच्छी सेवा होने वाली थी। तो हम वापस आते हैं अय्यर और बबिता के बेडरूम में जहाँ बबिता नंगी लेटी हुई है। अय्यर उसके ऊपर लेटा हुआ है, और अय्यर का पूरा लंड बबिता की चूत में घुसा हुआ है। बबिता की आंख में आंसू हैं। दर्द के मारे उसका बुरा हाल है, और उसके मुँह से चीख निकल रही है।

बबिता अय्यर से कहती हैं, “थोड़ा आराम से करो ना, मुझे बहुत दर्द हो रहा है”। पर अय्यर कहता है, “बबिता बेबी, अगर तुम्हें माँ बनना है तो दर्द तो सहना पड़ेगा, और एक बार नहीं कई बार सहना पड़ेगा”। फिर वह प्यार से बबिता के माथे पर हाथ फेरता है और उसे किस करता है, और फिर अपना लंड बबिता की चूत से बाहर निकालता है और वापिस पूरा अंदर डाल देता है। इसकी वजह से फिर से बबिता को बहुत ज्यादा दर्द होता है, और उसकी आँखों से और आंसू निकलते हैं, और मुँह से चीख निकलती जाती है, “आहहहह माँ मर गई”।

फिर अय्यर बबिता की चूचियों को अपने हाथों से दबाता है, और बबिता से कहता है कि, “बबिता बेबी, अपनी माँ को क्या याद कर रही हो। तुम्हें पैदा करने के लिए तुम्हारी माँ भी तुम्हारे बाप से इसी तरह चुदी होगी”, और बबिता की चूत में धक्के मारना शुरू कर देता है।

पर क्योंकि बबिता की चूत बहुत ज्यादा टाइट थी, इस वजह से उसमें लगातार दर्द होता ही रहता है, और बबिता की आँखों से लगातार आंसू निकल रहे थे, और उसके मुँह से लगातार चीखें निकल रही थी, और अब कमरे में बस बबिता की चीखों की आवाज गूंज रही थी, और साथ में अय्यर के धक्के की आवाज फट फट फट गूंज रही थी।

क्योंकि बबिता के चूतड़ अय्यर से टकरा रहे थे, और बबिता बस लगातार चीखें जा रही थी, “आहहहहह मर गई माँ आहहहह आहहहहह आहहहह आहहहहह आहहहहह अय्यर कुत्ते धीरे चोद मुझे आज चोद-चोद के ही मार डालेगा क्या”? पर अय्यर बिना कुछ सोचे पागलों की तरह धक्के मार रहा था। क्योंकि उसने वायग्रा की दो गोलियां खाई हुई थी। बबिता कहती हैं, “इस तरह तो तुम मुझे सुबह चलने लायक भी नहीं छोड़ोगे”।

पर अय्यर ये सब बातें नहीं सुनता। वह लगातार बबिता की चूत में धक्के मार रहा था तेजी से, और धक्के मारने की वजह से बबिता की चूत से थोड़ा सा खून भी निकल जाता है। क्योंकि घर्षण की वजह से शायद उसकी चूत में कुछ स्क्रैच लग गए थे। बबिता अब लगातार रो रही थी और चीख रही थी, “आहहहह आहहहहह माँ आहहहह आहहहहह मर गई माँ, आहहहहहह आहहहहहह”। और अय्यर धक्के मारे ही जा रहा था मिशनरी पोज़ीशन में।

फिर अय्यर बबिता को कहता है कि, “पोजिशन चेंज करते है”। और वह बबिता को कुतिया बनने को कहता है। अब बबिता कुतिया बन जाती है। उसकी दो बड़ी-बड़ी चूचियां नीचे लटक रही थी, जैसे बड़े-बड़े आम हों और बबिता का मंगलसूत्र उसकी चुचियों के बीच में ही फंसा हुआ था। हाथ बेड पर रखे हुए थे। हाथों में चूड़ियां थीं। पैरों में पायल थी। पैर कांप रहे थे दर्द के कारण।

फिर अय्यर बबिता के पीछे जाता है, और अपना लंड बबिता की चूत पर सेट करता है, और ज़ोर से धक्का मारता है। क्योंकि वह कुतिया बनी हुई थी, तो उसका लंड पूरी तरह से बबिता की चूत में चला जाता है, और लगातार बबिता की जी-स्पोट को टच कर रहा होता है। अब अय्यर बबिता की गांड को पकड़ता है और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारना शुरू कर देता है। बबिता का दर्द के कारण बहुत बुरा हाल था। वह रो रही थी।

उसकी आँखों से आंसू और मुँह से चीख निकल रही थी, “माँ मर गई आहहहहहह आहहहहह आहहहहह आहहहहह अय्यर कुत्ते तेरा बाप भी तेरी माँ की इसी तरह से चीखे निकलवाता होगा। इसीलिए तो आज मेरी चूत का भोसड़ा बनाने पर लगा हुआ है”। ये सुन कर अय्यर को गुस्सा आ जाता है, और वह ज़ोर से बबिता के चूतड़ों पर थप्पड़ मारता है पांच-छह जिसकी वजह से बबिता को और दर्द होता है, और वह रोने लगती है, और चीख तो रही ही होती है चुदाई के कारण।

यह मंजर लगभग 40 मिनट तक चला। अय्यर बबिता को चौदता रहा, और बबिता रोती और चीखती रही। पर अय्यर ने उसकी एक बात नहीं सुनी। 40 मिनट बाद अब अय्यर बबिता के अंदर अपना वीर्य छोड़ने वाला था, तो वह बबिता को कहता हैं, “बेबी क्या तुम माँ बनने के लिए तैयार हो?” बबिता कहती हैं, “हाँ प्लीज़, उसी के लिए तो इतनी देर से दर्द सह रही हूँ आईईईईईई आईईईईई”।

फिर वह तेजी से धक्के मारना शुरू करता है, और बबिता का दर्द भी बढ़ जाता है, और वह और ज़ोर से चीख रही थी। फिर अय्यर अपना पूरा वीर्य बबिता की चूत के अंदर डाल देता है और अपना लड़ धीरे-धीरे बाहर निकालता है। इससे बबिता को थोड़ी राहत मिलती है। अब बबिता बिस्तर पर नंगी ही लेट जाती है और अय्यर उसके बाजू में लेटा हुआ था। बबिता अब अय्यर के कंधे पर सिर रखती है और उससे चिपक जाती है।

अय्यर बबिता को गले लगा लेता है और कहता है, “सॉरी बेबी आज मैंने तुम्हें बहुत दर्द दिया। तुम्हें बहुत रुलाया है। तो बबिता कहती है, “कोई बात नहीं, माँ बनने के लिए इतना दर्द तो सहना ही पड़ता है”। तो अय्यर उसे कहता है कि, “एक बार सेक्स करने से तुम माँ नहीं बन जाओगी। बल्कि पूरी तरह से माँ बनने के लिए तुम्हें कई बारी इसी तरह से अच्छा सेक्स करना होगा। और खासतौर पर तुम्हारे पीरियड्स के आने से एक हफ्ता पहले सेक्स करना होगा, जिससे तुम्हारी माँ बनने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाएगी”।

बबिता ये सोच के थोड़ी चिंता में आ जाती है। क्योंकि उसे आज जितना दर्द हुआ था, उतना ही दर्द उसे कई बार और सहना पड़ेगा। पर बबिता कहती हैं कि ठीक है वह माँ बनने के लिए कुछ भी करने को तैयार है और वह कई बार इस तरह से सेक्स करेगी। अब क्योंकि बबिता को बहुत अधिक दर्द हो रहा था खून भी निकला था, तो अय्यर बबिता की चूत में बर्फ़ लगाता है। इससे बबिता को जलन में थोड़ी राहत मिलती है, और वह शांत हो जाती है। फिर बबिता और अय्यर नंगे ही एक-दूसरे को चिपक के सो जाते है।

अब जब सुबह का वक्त होता है, अलार्म बजता है। बबिता जैसे ही बेड से उठने की कोशिश करती है, तो उसके चूतड़ों में और कमर के निचले भाग में बहुत ज्यादा दर्द होता है। क्योंकि उसने रात को इतने लंबे समय तक चुदाई जो की थी। वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। तो अय्यर उसे पकड़ कर बाथरूम तक ले जाता है। बबिता को इतना दर्द हो रहा था, कि वह कुछ भी नहीं कर पा रही थी। इसलिए अय्यर बबिता के साथ ही बाथरूम के अंदर चला जाता है।

अब क्योंकि उन दोनों ने कपड़े नहीं पहने हुए थे, तो अय्यर बबिता को पहले टॉयलेट सीट पर बिठा देता है। बबिता फ्रेश होती है। फिर अय्यर उसे उठाता है, और खुद भी फ्रेश हो जाता है। फिर वह गर्म पानी का शावर ओन करता है और बबिता को नहलाता है, और साथ में खुद भी नहा लेता है। नहाने के बाद वह खुद को और बबिता को तौलिए से पोंछता है और फिर वह बबिता की चूत में दवाई लगा देता है, और साथ में उसे पेन-किलर भी देता है ताकि उसका दर्द ठीक हो जाए।

अब वह बबिता को कपड़े पहनाता है। वह बबिता को एक नाइटी ही पहनता है। बबिता ने अंदर पैन्टी और ब्रा भी नहीं पहनी थी। उसके बाद वह बाहर से खाना ऑर्डर करता है। अब क्योंकि बबिता चल नहीं पा रही थी, तो वह बबिता को गोद में उठा कर बेड पे बिठा देता है, उसे चद्दर उड़ाता है, और अपने हाथों से नाश्ता खिलाता है। जब अय्यर इस तरह से बबिता की सेवा करता है, यह देख कर बबिता को बहुत अच्छा लगता है, और वह अय्यर से कहती हैं कि, “तुम बहुत अच्छे हो। तुम मेरा कितना ख्याल रखते हो”।

तो अय्यर कहता है, “इसमें कौन सी बड़ी बात है बबिता? बेबी आई लव यू ना”। तो बबिता भी कहती है, “आई लव यू टू अय्यर”। फिर बबिता को कुछ अच्छा नहीं लग रहा था। उसे उल्टी जैसा महसूस हो रहा था। तो बबिता अय्यर से कहती है, कही वो एक रात में ही तो प्रेग्नेंट नहीं हो गई ना। तो अय्यर कहता है, “ऐसा नहीं होता बेबी, इतनी जल्दी प्रेग्नेंट नहीं हो सकती तुम। उसमें अभी थोड़ा टाइम लगेगा”। फिर वह बबिता का टेम्परेचर चेक करता है तो पता चलता है कि बबिता को हल्का बुखार था, जिसके कारण उसे उल्टी जैसा महसूस हो रहा था।

फिर वह बबिता को बुखार की दवाई देता है, और कहता है कि वह आज ऑफिस नहीं जाएगा, और पूरा दिन बबिता का ख्याल रखेगा। यह सुन कर बबिता बहुत खुश हो जाती है पर तभी अय्यर को एक फ़ोन आता है जो कि उसके ऑफिस से था, और वह उससे कहते हैं कि उसे आज ऑफिस आना ही पड़ेगा। क्योंकि एक बहुत इम्पोर्टेन्ट मीटिंग है। तो अय्यर कहता है सॉरी बेबी, उसे ऑफिस जाना पड़ेगा। तो बबिता भी कहती है, “ठीक है चले जाओ, मैं अपना ख्याल रख लूँगी”। पर बबिता थोड़ी उदास होती है। अय्यर नाश्ता करके चला जाता है, और बबिता दवाई लेकर आराम ही कर रही थी।

दोपहर के समय में उसकी डोरबेल बजती है। वह धीरे-धीरे लंगड़ाते हुए दरवाजे तक जाती है, और दरवाजा खोलती है तो सामने अंजलि खड़ी थी। अंजलि बबिता की ऐसी हालत देख कर चौंक जाती है। क्योंकि बबिता ने सिर्फ एक पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी। उसके अंदर ब्रा और पेंटी भी नहीं थे। ब्रा के ना होने की वजह से बबिता की चूचियां साफ-साफ दिख रही थी, और उनके ऊपर मंगलसूत्र की वजह से लगा कट भी दिख रहा था।

साथ में ही बबिता की टांगें भी कांप रही थी दर्द की वजह से। वह ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थी। इसलिए वह दरवाजे का सहारा लेकर खड़ी थी। उसका होठ भी फटा हुआ था। अंजलि समझ नहीं पा रही थी कि बबिता के साथ क्या हुआ। फिर बबिता अंजलि को अंदर बुलाती है और दरवाजा बंद कर लेती है। अब वो दोनों सोफे पर बैठी थी।

तब अंजलि बबिता से पूछती है, “क्या हुआ बबिता जी, आपकी ऐसी हालत क्यों है”? तो बबिता कहती है कि उसने अय्यर से बच्चे के बारे में बात की और अय्यर ने हाँ कह दी है, और कल रात अय्यर ने बच्चे के लिए उसे चोद दिया बुरी तरह से। बबिता उसे बताती है कि किस तरह कल रात अय्यर ने उसका बैंड बाजा सब बजा दिया, और उसकी क्या हालत हो चुकी थी।

बबिता अंजलि से कहती है कि उसकी चूत में बहुत ज्यादा जलन हो रही थी, और दर्द भी हो रहा था। तो अंजलि कहती है कि क्या वह देख सकती है। बबिता पहले थोड़ा शर्माती है पर क्योंकि अंजलि बबिता की बहुत अच्छी दोस्त थी, और कल उन दोनों ने साथ में ही तय किया था कि वो प्रेग्नेंट होंगी। तो बबिता कहती है, “ठीक है” और वह अपनी नाइटी खोल देती है। अंजलि उनकी चूत का हाल देखती है तो वह दंग रह जाती है।

बबिता की चूत का भोंसड़ा बना हुआ था, और बबिता के चूतड़ों पर अय्यर के थप्पड़ों के निशान थे जो बहुत जल रहे थे। फिर अंजलि पहले उन निशानों पर और बबिता की चूत में और बबिता की चूचियों पर बर्फ़ लगाती है जिससे बबिता को राहत मिलती है। फिर वह उन पर एलोवीरा जैल लगाती है, तथा साथ में बबिता को एक पेन किलर भी देती है, और कहती हैं कि अब बबिता को आराम करना चाहिए। फिर वह वहाँ से चली जाती है, और बबिता भी अपने कमरे में जाकर आराम करती है।

बबिता भाभी की चुदाई होली पर

नमस्कार दोस्तों, मैं Thor आपके लिए TMKOC के किरदारों पर आधारित एक नई सेक्स कहानी लेके आया हूं। तो चलिए कहानी शुरू करता हूं।

होली का दिन था, और गोकुलधाम में सब लोग होली मना रहे थे। सब लोग बाहर थे, और होली खेल रहे थे। सब ने सफेद रंग के कपड़े पहने थे, जो रंगों से भरे पड़े थे। जेठालाल ने सब को भांग पिलाने का सोचा, और बाघा को भांग बनाने के लिए कहा।

फिर सब लोगों ने भांग पी। भांग थोड़ी ज्यादा असरदार थी, जिससे सब को हल्का नशा हो गया। इससे सब को और मजा आने लगा, और सब ऊंची आवाज में चल रहे गानों पर झूमने लगे।

लेकिन जेठालाल की नज़र तो हमेशा की तरह अपनी बबिता भाभी पर थी। बबिता ने लेगिंग्स-कुर्ती वाली ड्रेस पहनी हुई थी, जिसमें उसके पूरे बदन की शेप नज़र आ रही थी। ऊपर से उसके कपड़े भीग चुके थे, जिससे उसके कपड़ों में से उसकी स्किन हल्की-हल्की दिखने लगी थी। अब नीचे पहनी हुई ब्रा भी नज़र आ रही थी।

तभी बबिता पर किसी ने रंग भरा पानी डाल दिया, जो उसकी आंखों में चला गया। इससे उसकी आंखों में जलन होने लगी, तो आंखों को पानी से धोने के लिए वो अपने घर की तरफ चल पड़ी। जेठा सब देख रहा था कि बबिता क्यों अंदर जा रही थी। फिर जेठा ने अय्यर की तरफ देखा, तो वो भांग पी कर टुल बैठा था। यहां पर जेठालाल को साफ-साफ मौका दिख रहा था, तो जेठालाल भी जल्दी से सब से नज़र बचा कर बबिता के पीछे चला गया।

बबिता अभी दरवाजे तक ही पहुंची थी कि जेठा ने उससे पूछा कि वो वापस क्यों जा रही थी। बबिता ने जेठा को अपनी आंखों की दिक्कत बताई, तो जेठा भी उसकी मदद करने का बोल कर उसके साथ चला गया।

वो दोनों अंदर बाथरूम में चले गए। वहां बबिता वाशबेसिन के सामने झुक कर अपनी आंखों में पानी डालने लगी। बबिता की आँखें जल रही थी, तो वो आह आह कर रही थी। तभी जेठालाल उसको हौंसला देने के लिए उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा। धीरे-धीरे बबिता की आँखें में गया रंग साफ होने लगा, और उसको आराम मिलने लगा।

तभी जेठालाल उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए अपना हाथ उसकी गांड पर ले गया। उसने हाथ बबिता के चूतड़ पर रखा, और उसको मसल दिया। इससे बबिता उछल गई, और वो समझ गई कि जेठा उसके पीछे क्यूं आया था। बबिता ने जेठा को कुछ नहीं कहा, और ऐसा दिखाया जैसे उसको कुछ पता ही ना चला हो। उधर जेठा की हिम्मत बढ़ी, और उसने चूतड़ और जोर से दबाया।

इस बार बबिता के मुंह से आह निकली, और वो सीधी हो कर जेठा की तरफ मुड़ी और बोली-

बबिता: ये क्या कर रहे है आप जेठा जी?

जेठा बोला: बबिता जी, पीछे का नज़ारा इतना अदभुत है, कि मैं अपने आप पर कंट्रोल ही नहीं कर पाया।

बबिता: अच्छा, अगर आप कंट्रोल नहीं कर पा रहे, तो क्या मुझे नंगी कर दोगे?

जेठालाल: भाभी अगर आप हां कहें, तो जरूर कर दूंगा।

बबिता की चूत भी काफी दिनों से प्यासी थी, ऊपर से उस पर भांग का हल्का नशा भी था। ये दोनों चीजें मिल कर बबिता के दिमाग में चढ़ गई, और बबिता बोली-

बबिता: तो उतार दीजिए ना, रोका किसने है?

ये सुनते ही जेठा नीचे घुटनों पर बैठ गया, और बबिता की लेगिंग्स पकड़ कर नीचे खींच दी। लेगिंग्स उतरते ही बबिता की सेक्सी जांघें जेठा के सामने आ गई। बबिता ने काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी, जो भीगने की वजह से थोड़ी गीली थी। जेठा ने जल्दी से पैंटी भी नीचे की, और बबिता की चिकनी चूत पर अपना मुंह लगा दिया।

बबिता: आह जेठा जी, चूसिए आह, बुझा दीजिए मेरी इस चूत की प्यास को आह।

जेठा बबिता की तड़प देख कर पागल हो गया, और कुत्तों की तरह उसकी चूत चूसने लगा।

बबिता: आह आह जेठा, साले बहन के लोड़े, जीभ अन्दर डाल मेरे कुत्ते। जब देखो मेरी गांड देखता रहता है भड़वे। आज मिली है तो मजा लेले, और रंडी बना कर चोद मुझे ठरकी भड़वे।

ये सब सुन कर जेठा और जोश में आ गया। उसने अपने हाथ से बबिता की चूत को मसलते हुए चूसा, और फिर उस पर थप्पड़ लगाया। इससे बबिता के मुंह से आह निकल गई। फिर बबिता ने खुद ही अपनी कुर्ती निकाल दी, और अब वो सिर्फ ब्रा में थी।

जेठा जल्दी से खड़ा हुआ, और बबिता के होंठों से अपने होंठ मिला कर उसके होंठ चूसने लगा। वो अपने हाथ बबिता की पीठ पर फेरने लगा, और उसने बबिता की ब्रा खोल कर निकाल दी। अब वो बबीता के चूचे जोर से मसलने लगा, और उन पर थप्पड़ मारने लगा।

जेठालाल: साली रंडी कुतिया, छिनाल, जब देखो पूरे मोहल्ले में अपनी गांड और चूचे मटकाती फिरती है। तेरी चूत की गर्मी कभी कम ही नहीं होती साली कुलटा कहीं की।

ये बोल कर जेठा ने बबिता को उठा कर वाशबेसिन पर बिठाया, और अपना पजामा नीचे करके अपना लौड़ा बाहर निकाला। फिर उसने लौड़ा बबिता की चूत पर रखा, और एक ही झटके में पूरा पेल दिया।

बबिता: आह मादरचोद, मजा आ गया। दिखा बहन के लौड़े जेठा, कितना दम है तेरे इस लंड में। साले चंपकलाल की नाजायज औलाद। चोद मुझे आह आह आह।

जेठालाल ने बबिता के चूतड़ों पर कस के पकड़ बनाई, और धक्के पे धक्का मार कर उसकी चूत चुदाई करने लगा। साथ में वो बबिता के निप्पल भी चूसता और काटता। बबिता आह आह आह करने सिसकियां भर रही थी। फिर बबिता ने अपनी टांगें जेठालाल की कमर पर लपेट ली, और जेठालाल ने उसको हवा में उठा लिया। अब बबिता हवा में ही जेठालाल के लंड पर उछल रही थी। उसकी चूत के बहते पानी की वजह से चुदाई के दौरान चप-चप की आवाजें आ रही थी।

जेठालाल उसको उसके बेडरूम में ले गया, और बेड पर जा कर पटक दिया। बबिता बेड पर जोर से गिरी, और घूम गई। जेठा उसके सीधे होने से पहले ही उस पर कूद पड़ा, और उसके उल्टे लेटे हुए ही उसकी गांड के छेद पर अपना लंड लगाया, और पेल दिया। बबिता दर्द से तड़पने लगी।

जेठालाल: हरामजादी, अभी तो बहुत चहक रही थी कि दम दिखाओ। अब क्या हो गया रंडी?

बबिता: आह दर्द हो रहा है, बाहर निकालो इसको आह। चूत में डाल लो ना।

जेठा ने उसकी एक ना सुनी, और उसकी गांड चुदाई करता रहा। उसके वजन के नीचे बबिता दबी हुई थी, और हिल भी नहीं पा रही थी। कुछ देर में बबिता की गांड खुल गई, और उसको मजा आने लगा। वो आह आह आह करने लगी। ऐसे ही जेठा उसके ऊपर लेट कर 20 मिनट उसकी गांड मारता रहा। साथ में वो उसकी पीठ चूमता, चाटता, और उसको खरोंचता रहा। उसके बाद जेठा ने उसकी गांड में ही अपना माल छोड़ दिया।

फिर कुछ देर लेटने के बाद जेठा कपड़े पहन कर बाहर सब के बीच आ गया। बबिता भी उसके पीछे-पीछे बाहर आ गई। दोनों ऐसे दिखने लगे जैसे कुछ हुआ ही ना हो।

Taarak mehta ki chudai story

Hello dosto mai ajj ek story series start karne ja raha hun jisme app Tarak Mehta ka ooltah chashma iss television series ke characters ki sex stories sunenge jisme hamare lead character….. Aur koi nahi sabke chahite Jethalal honge. Mai apko pehle hi bata doun ki mai ek Long hair lover houn. So agar kabhi … Read more