राहुल कॉलेज का आखिरी साल पूरा कर रहा था। उसकी क्लास टीचर थीं मिसेस रीना शर्मा, जिन्हें सब टीचर आंटी कहते थे। रीना आंटी की उम्र करीब ३८ साल थी, लेकिन उनका फिगर इतना आकर्षक था कि कॉलेज के लड़के उनकी एक झलक के लिए तरसते रहते थे। गोरी चमकदार स्किन, भरी-भरी छातियां जो साड़ी के ब्लाउज में फिट होकर उभर आती थीं, गोल-मटोल कूल्हे और कमर इतनी पतली कि देखते ही मन ललचा जाता। उनकी मुस्कान में मिठास थी और आंखों में वो नमक जो किसी को भी दीवाना बना दे।
राहुल अच्छा स्टूडेंट था। पढ़ाई में हमेशा टॉप करता, लेकिन आंटी की क्लास में उसका मन ज्यादा पढ़ाई पर नहीं, बल्कि आंटी की साड़ी के पल्लू पर टिकता। रीना आंटी को भी राहुल पसंद था। वो हमेशा उसे एक्स्ट्रा अटेंशन देतीं। “राहुल बेटा, तुम्हारी मेहनत देखकर बहुत खुशी होती है,” वो अक्सर कहतीं और उसकी पीठ पर हाथ फेर देतीं। उस स्पर्श में कुछ ज्यादा ही गर्माहट होती।
फाइनल एग्जाम के बाद रीना आंटी ने क्लास में अनाउंस किया, “जो स्टूडेंट सबसे ज्यादा मार्क्स लाएगा, उसे स्पेशल रिवॉर्ड मिलेगा।” सब हंस पड़े। राहुल ने मन ही मन सोचा, काश वो टॉप कर जाए। रिजल्ट आया तो राहुल ने टॉप किया। आंटी ने उसे क्लास के बाद रुकने को कहा।
“राहुल, तुमने बहुत अच्छा किया। मैंने वादा किया था रिवॉर्ड का। बताओ, क्या चाहिए?” रीना आंटी मुस्कुराते हुए बोलीं। उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया था, जिससे क्लैवेज की झलक साफ दिख रही थी। राहुल का दिल जोरों से धड़कने लगा।
“आंटी, कुछ भी जो आप देना चाहें,” उसने शर्माते हुए कहा।
रीना आंटी ने दरवाजा बंद किया और पर्दे खींच दिए। कमरे में सिर्फ उनकी सांसें और हल्की AC की आवाज गूंज रही थी। “तो फिर आज मैं तुम्हें वो रिवॉर्ड दूंगी जो तुम्हें हमेशा याद रहेगा।” उन्होंने राहुल की तरफ देखा, आंखों में वासना की चमक। राहुल समझ गया कि आंटी क्या चाह रही हैं। वो खुद भी पिछले कई महीनों से आंटी के सपने देखता था।
रीना आंटी पास आईं। “डरो मत बेटा। मैं जानती हूं तुम क्या चाहते हो। मैं भी चाहती हूं।” उन्होंने राहुल का हाथ पकड़ा और अपनी कमर पर रख दिया। राहुल ने हल्के से दबाया। आंटी की सॉफ्ट कमर छूते ही उसका लंड खड़ा हो गया। रीना आंटी ने खुद को उसके सीने से चिपका लिया। उनके भारी स्तन राहुल की छाती पर दब रहे थे।
“आंटी…” राहुल ने धीरे से कहा।
“शश… बस एंजॉय करो। आज तुम मेरे हो,” रीना आंटी ने उसके होंठों पर अपनी उंगली रखी। फिर उन्होंने अपना मुंह आगे बढ़ाया। दोनों के होंठ मिले। शुरुआत में सॉफ्ट किस, फिर धीरे-धीरे गहरा। रीना आंटी की जीभ राहुल की जीभ से खेल रही थी। वो चूस रही थीं, काट रही थीं हल्के-हल्के। राहुल के हाथ उनकी पीठ पर घूम रहे थे। साड़ी का ब्लाउज खोलने की कोशिश कर रहा था।
रीना आंटी हंस पड़ीं। “इतना जल्दी? ठीक है, मैं मदद करती हूं।” उन्होंने अपना ब्लाउज के हुक खोले। सफेद लेस वाला ब्रा सामने आ गया। उनके बड़े-बड़े स्तन उस ब्रा में कैद थे, लेकिन ऊपर से उछलने को तैयार। राहुल ने ब्रा के ऊपर से ही दबाया। “उफ्फ आंटी, कितने सॉफ्ट हैं…”
रीना आंटी ने ब्रा उतार दिया। उनके गुलाबी निप्पल्स खड़े हो चुके थे। राहुल ने एक को मुंह में ले लिया। चूसने लगा, जीभ से घुमाने लगा। रीना आंटी की सांसें तेज हो गईं। “हां बेटा… और जोर से… आह…” उनकी उंगलियां राहुल के बालों में फंस गईं। राहुल दूसरे स्तन को मसल रहा था। आंटी का बदन गरम हो रहा था।
रीना आंटी ने राहुल की शर्ट उतारी। उसके युवा, फिट बॉडी को देखकर उनकी आंखें चमक उठीं। “कितना सुंदर है मेरा स्टूडेंट।” उन्होंने राहुल की पैंट की चेन खोली। अंदर से उसका खड़ा लंड बाहर निकला। रीना आंटी ने उसे हाथ में लिया। “वाह… इतना मोटा और लंबा। आज ये मुझे भर देगा।”
उन्होंने घुटनों पर बैठकर राहुल का लंड मुंह में लिया। गर्म, नम मुंह। रीना आंटी चूस रही थीं जैसे कोई आइसक्रीम। ऊपर-नीचे, जीभ से चाटती हुईं। राहुल की आंखें बंद हो गईं। “आंटी… बहुत अच्छा लग रहा है…” रीना आंटी ने पूरा लंड गले तक ले लिया, फिर छोड़ दिया। थूक की धार लंड पर चमक रही थी।
अब रीना आंटी उठीं। साड़ी का पेटीकोट उतारा। उनकी जांघें मोटी और गोरी थीं। पैंटी में से उनकी चूत की आउटलाइन साफ दिख रही थी। राहुल ने उन्हें बेड पर लिटाया। उनकी जांघों को चूमते हुए ऊपर चढ़ा। पैंटी उतारी तो सामने थी आंटी की शेव्ड, गुलाबी चूत। पहले से ही गीली। राहुल ने अपनी जीभ फेर दी।
“आह राहुल… हां… चाटो अपनी आंटी की चूत…” रीना आंटी ने अपने कूल्हे ऊपर उठाए। राहुल जोर-जोर से चाट रहा था। क्लिटोरिस को चूस रहा था। आंटी का बदन तड़प रहा था। उनके हाथ राहुल के सिर को दबा रहे थे। कुछ ही मिनटों में रीना आंटी का पहला ऑर्गेज्म आ गया। “मैं आ गई… आह…!”
रीना आंटी ने राहुल को ऊपर खींचा। “अब अंदर डालो बेटा। मुझे भर दो।” राहुल ने अपना लंड आंटी की चूत पर रगड़ा। फिर धीरे से दबाया। गर्म, टाइट, गीली चूत ने उसे निगल लिया। “उफ्फ आंटी… कितनी गरम है आपकी…”
धीरे-धीरे पूरे लंड को अंदर डाला। रीना आंटी ने अपनी टांगें राहुल की कमर पर लपेट लीं। “जोर से… डर मत… मैं सब सह लूंगी।” राहुल ने रफ्तार बढ़ाई। धप-धप की आवाज कमरे में गूंज रही थी। आंटी के स्तन उछल रहे थे। राहुल उन्हें चूस रहा था।
रीना आंटी की आंखें आनंद से बंद थीं। “हां मेरे राजा… फाड़ दो अपनी आंटी की चूत… आज तुम्हारा रिवॉर्ड है ये…” उनका बदन लहरा रहा था। राहुल का लंड बार-बार अंदर-बाहर हो रहा था। कभी तेज, कभी धीमा। आंटी की चूत का रस लंड पर चिपक रहा था।
पोजीशन बदली। रीना आंटी डॉगी स्टाइल में हो गईं। उनका गोल-गोल गांड ऊपर था। राहुल ने पीछे से लंड डाला। अब और गहराई तक जा रहा था। आंटी चीख रही थीं, “आह… हां… और जोर से… मारो मुझे…” राहुल उनके कूल्हों को पकड़कर जोर-जोर से ठोक रहा था। आंटी के स्तन लटक रहे थे, वो उन्हें खुद मसल रही थीं।
लंबी देर तक चुदाई चली। दोनों पसीने से तर थे। रीना आंटी ने कई बार ऑर्गेज्म किया। आखिर में राहुल भी रुकने वाला था। “आंटी… मैं निकालने वाला हूं…”
“अंदर ही निकाल दो बेटा… मुझे पूरा महसूस करो,” रीना आंटी ने कहा। राहुल ने आखिरी जोरदार धक्के दिए और अंदर ही झड़ गया। गर्म वीर्य आंटी की चूत में भर गया। दोनों थककर लेट गए।







